संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने कहा है कि वह ईरान के खिलाफ किसी भी हमले में शामिल नहीं होगा और उसकी जमीन का इस्तेमाल तेहरान पर हमले के लिए लॉन्च पॉइंट के रूप में नहीं किया जा रहा है।
जिनेवा में पत्रकारों से बात करते हुए यूएई के राजदूत और संयुक्त राष्ट्र में स्थायी प्रतिनिधि जमाल अल मुशारख ने कहा कि अमीराती ठिकानों का इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए नहीं किया जाता है। उन्होंने दोहराया कि यूएई पहले भी साफ कर चुका है कि उसकी धरती से ईरान के खिलाफ कोई हमला नहीं किया जाएगा और वह इस संघर्ष का हिस्सा नहीं बनेगा।
उन्होंने अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को कम करने की अपील करते हुए कहा कि तनाव कम करना और बातचीत की ओर लौटना ही यूएई का लगातार रुख है।
राजदूत ने यह भी कहा कि यूएई में पानी के विलवणीकरण संयंत्र और ऊर्जा सुविधाओं जैसे नागरिक ढांचे को निशाना बनाकर किए गए ईरानी हमले चिंताजनक और अस्वीकार्य हैं। उन्होंने कहा कि देश इन महत्वपूर्ण स्थलों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।
उन्होंने यह भी कहा कि यूएई और पड़ोसी देशों पर हुए हमले अच्छे पड़ोसी संबंधों के सिद्धांतों का उल्लंघन हैं। इसके बावजूद यूएई ने फिर दोहराया कि उसके हवाई अड्डों या ठिकानों का इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए नहीं किया जाएगा।












