UAE: संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) का नेशनल मीडिया ऑफिस (एनएमओ) कुछ सोशल मीडिया यूजर्स के खिलाफ एक्शन ले रहा है, क्योंकि उन्होंने कंटेंट नियम तोड़े हैं। ये कदम इसलिए उठाया गया है ताकि ऑनलाइन दुनिया में सम्मान, सहनशीलता और अच्छे वाइब्स बने रहें, जो यूएई के वैल्यूज को दिखाता है।
क्या गलत हुआ?
एनएमओ की टीमें दिन-रात सोशल मीडिया पर नजर रखती हैं। वो ऐसे कंटेंट ढूंढती हैं जो नियमों के खिलाफ हो, जैसे कि देश के प्रतीकों, बड़े लोगों या दोस्त देशों के खिलाफ गलत बातें, नफरत फैलाने वाली पोस्ट्स या झूठी खबरें। अगर कोई गलत कंटेंट पोस्ट करता है, तो उसे पहले चेतावनी दी जाती है कि नियम फॉलो करो, नहीं तो कानूनी कार्रवाई होगी।
UAE का डिजिटल रूल
इस साल मार्च 2025 में UAE ने साफ कह दिया था कि सोशल मीडिया पर नियम तोड़ने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा। एनएमओ ने कहा कि जो लोग गलत कंटेंट डालेंगे, उनके खिलाफ फेडरल पब्लिक प्रॉसिक्यूशन में केस चलेगा। ये सब इसलिए ताकि ऑनलाइन स्पेस साफ-सुथरा और पॉजिटिव रहे।
शेख अब्दुल्ला अल हमेद, जो एनएमओ के बॉस हैं, ने कहा, “सोशल मीडिया पावरफुल है, लेकिन इसके साथ जिम्मेदारी भी आती है। हमें ऐसा कंटेंट डालना चाहिए जो हमारे समाज को बेहतर बनाए, न कि उसे नुकसान पहुंचाए।”
यूजर्स के लिए टिप्स
एनएमओ ने सोशल मीडिया यूजर्स से कहा है कि वो कुछ बातों का ध्यान रखें:
- फेक न्यूज या नफरत फैलाने वाली चीजें न डालें।
- देश के प्रतीकों या बड़े लोगों के खिलाफ भला-बुरा न कहें।
- अच्छी और पॉजिटिव बातें शेयर करें।
- अगर कुछ गलत दिखे, तो ऑफिशियल चैनल्स पर शिकायत करें।
नया मीडिया कानून
29 मई, 2025 से UAE ने नया मीडिया कानून लागू किया है (कैबिनेट डिसीजन नंबर 42 ऑफ 2025)। इसके तहत नियम तोड़ने वालों पर 10 लाख दिरहम तक का जुर्माना लग सकता है। ये नियम सब पर लागू है, चाहे वो इंडिविजुअल हों या फ्री जोन में काम करने वाली मीडिया कंपनियां। यूएई मीडिया काउंसिल ने 20 जरूरी नियम भी बनाए हैं, जो धार्मिक अपमान, फेक न्यूज और बिना लाइसेंस काम करने जैसी चीजों को रोकते हैं।
आखिरी बात
यूएई का ये कदम ऑनलाइन दुनिया को बेहतर बनाने और देश के वैल्यूज को बचाने का एक बड़ा स्टेप है। सोशल मीडिया यूजर्स को सलाह है कि वो नियम फॉलो करें, ताकि कानूनी झंझट से बच सकें।