UAE: अबू धाबी में पिछले साल एक सड़क हादसे में जान गंवाने वाले भारतीय रसोइये मुस्तफा ओडेयप्पुरथ के परिवार को आखिरकार इंसाफ मिला। उनके परिवार को 400,000 दिरहम (लगभग ₹9.55 करोड़) का मुआवजा मिला है। ये रकम तब मिली जब परिवार ने पहले मिली राशि को कम बताते हुए बीमा कंपनी के खिलाफ कोर्ट में अपील की, और कोर्ट ने उनके हक में फैसला सुनाया। आइए, इस पूरी कहानी को आसान और देसी अंदाज में समझते हैं।
क्या हुआ था उस दिन?
मुस्तफा केरल के मलप्पुरम जिले के रहने वाले थे और अबू धाबी में एक अरब परिवार के लिए रसोइया का काम करते थे। 6 जुलाई 2023 को, अपनी ड्यूटी खत्म करने के बाद वो बस से उतरकर सड़क पार कर रहे थे। तभी एक तेज रफ्तार कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भयानक था कि मुस्तफा की मौके पर ही मौत हो गई। ये हादसा अबू धाबी की अल बातिन-अल खलीज अल अरबी स्ट्रीट पर हुआ।
Falcon Eye सर्विलांस कैमरे की फुटेज में साफ दिखा कि ये पूरी तरह ड्राइवर की गलती थी। पुलिस ने तुरंत केस दर्ज किया और मामला क्रिमिनल कोर्ट में गया।
कोर्ट का पहला फैसला
Abu Dhabi क्रिमिनल कोर्ट ने ड्राइवर को दोषी ठहराया और उस पर 20,000 दिरहम का जुर्माना लगाया। साथ ही, परिवार को 200,000 दिरहम की “दीया मनी” (इस्लामी कानून के तहत मृतक के परिवार को दी जाने वाली राशि) देने का आदेश दिया। लेकिन मुस्तफा का परिवार इस राशि से संतुष्ट नहीं था, क्योंकि वो परिवार की कमाई का एकमात्र जरिया थे।
मुआवजे के लिए कानूनी जंग
YAB Legal Services के सीईओ सलाम पप्पिनिसरी ने परिवार की तरफ से बीमा प्राधिकरण में एक नया दावा दायर किया। उन्होंने कोर्ट को बताया कि मुस्तफा परिवार के इकलौते कमाने वाले थे, और उनके बच्चों और पत्नी का भविष्य इस राशि पर निर्भर है।
परिवार ने कानूनी उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र, आय के सबूत और पहले के कोर्ट फैसले जैसे जरूरी दस्तावेज जमा किए। कोर्ट ने उनकी बात सुनी और बीमा कंपनी को 200,000 दिरहम और देने का आदेश दिया। इस तरह कुल मुआवजा 400,000 दिरहम (लगभग ₹9.55 करोड़) हो गया।
परिवार के लिए इमोशनल मोमेंट
मुस्तफा की पत्नी हाजरा ने गल्फ न्यूज को बताया कि उन्हें ये खबर उनकी बेटी की सगाई की रात को मिली। कुछ ही दिन बाद, 11 सितंबर को बेटी की शादी थी। हाजरा ने कहा, “ये मुआवजा सिर्फ पैसा नहीं, हमारी दुआओं का जवाब है।”
मुस्तफा की बेटी हबीबा अपनी डिग्री के आखिरी साल में है, और उसका मंगेतर भी उसकी पढ़ाई जारी रखने के लिए सपोर्ट कर रहा है। उनका बेटा 12वीं कक्षा में पढ़ रहा है। हाजरा ने बताया कि ये पैसा उनके बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने में मदद करेगा, भले ही इससे उनके पति की कमी पूरी न हो सके।
UAE में सड़क नियम और सजा
UAE के कानून के मुताबिक, अगर कोई ड्राइवर पैदल यात्रियों को क्रॉसिंग पर रास्ता नहीं देता, तो उसे 500 दिरहम का जुर्माना और 6 ट्रैफिक पॉइंट्स मिलते हैं। लेकिन अगर लापरवाही से चोट या मौत होती है, तो जुर्माना और सजा कहीं ज्यादा सख्त हो जाती है।
मुस्तफा का मामला हमें याद दिलाता है कि सड़क पर एक छोटी सी गलती किसी परिवार की जिंदगी उजाड़ सकती है। यही वजह है कि UAE में रोड सेफ्टी नियमों को इतनी सख्ती से लागू किया जाता है।
ड्राइवर्स के लिए अपील
अधिकारियों ने सभी ड्राइवर्स से अपील की है कि क्रॉसिंग पर पैदल यात्रियों को हमेशा प्राथमिकता दें और सड़क पर पूरी सावधानी बरतें। ऐसा करके ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सकता है।