UAE: अपने आखिरी मिशन की सुबह फर्स्ट लेफ्टिनेंट अली सालेह इस्माइल अल तुनैजी ने अपने दोस्तों को फोन किया और कहा, “घर पर आराम करो, मैं तुम्हारी जगह शहीद हो जाऊंगा।” उनके पिता के अनुसार, यह कोई नाटकीय विदाई नहीं थी, बल्कि अली अक्सर ऐसा ही कहा करते थे।
ड्यूटी के दौरान हेलीकॉप्टर हादसे में शहादत
सोमवार को यूएई सशस्त्र बलों के पायलट अली अल तुनैजी उस समय शहीद हो गए, जब राष्ट्रीय ड्यूटी निभाते हुए हेलीकॉप्टर तकनीकी खराबी के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में उनके साथ सईद राशिद हमद अल बलूशी भी शहीद हो गए। यूएई रक्षा मंत्रालय ने दोनों अधिकारियों की शहादत की पुष्टि करते हुए उनके परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
पिता ने कहा – देश की सेवा पर था गर्व
अंतिम संस्कार के दौरान उनके पिता ने बताया कि अली को अपने काम से बहुत प्यार था। उन्होंने कहा, “शुरू से ही वह सेना में जाकर पायलट बनना चाहते थे। जब उन्होंने सेवा शुरू की तो पूरी लगन और ईमानदारी से काम किया। उन्हें अपने देश की सेवा करने पर गर्व था।” उनके पिता ने कहा, “हमें उनके जाने का दुख है, लेकिन हमें गर्व भी है कि उन्होंने अपने देश की सेवा करते हुए शहादत पाई।”
आखिरी वॉइस मैसेज ने देश को भावुक किया
अंतिम मिशन से पहले अली ने अपने परिवार को एक वॉइस मैसेज भेजा था, जिसने पूरे देश को भावुक कर दिया। उसमें उन्होंने कहा,
“बड़ा इनाम अल्लाह देता है। अगर हमारी किस्मत में शहादत लिखी है तो हम शहीद होंगे। और अगर अल्लाह हमें जिंदगी देता है तो हमारे लिए इतना ही काफी है कि आप सब ठीक हों और सुकून से रहें।”
‘वह सच्चे मायनों में एक महान इंसान थे’
एक इंटरव्यू में उनके पिता ने कहा, “वह एक सच्चे इंसान थे। उन्हें अपना घर, परिवार, देश और अपना काम बहुत प्यारा था। वह शहीद होना चाहते थे और आखिरकार उन्हें यह सम्मान मिला।”
रोज कहते थे – मैं शहीद होना चाहता हूं
पिता ने बताया कि अली रोज उनसे कहते थे, “मैं शहीद होना चाहता हूं।” अपने आखिरी मिशन की सुबह भी उन्होंने दोस्तों से कहा था, “घर पर आराम करो, मैं तुम्हारी जगह शहीद हो जाऊंगा।”
यूएई के वरिष्ठ नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
यूएई के कई वरिष्ठ अधिकारियों ने दोनों शहीदों के परिवारों से मिलकर संवेदना व्यक्त की। यूएई सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल ईसा सैफ बिन अबलान अल मज़रूई ने दोनों परिवारों से मुलाकात की।
मंत्रियों और नेताओं ने परिवारों से की मुलाकात
उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नहयान ने कैप्टन सईद राशिद हमद अल बलूशी के परिवार से मिलकर शोक व्यक्त किया। वहीं शेख दियाब बिन मोहम्मद बिन जायद अल नहयान ने फर्स्ट लेफ्टिनेंट अली अल तुनैजी के परिवार से मिलकर संवेदना जताई।
सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई
यूएई रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को अबू धाबी के जायद मिलिट्री हॉस्पिटल में दोनों शहीद पायलटों को पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी। इस समारोह में शहीदों के परिवार, सेना के वरिष्ठ अधिकारी और कई नेता मौजूद रहे।












