UAE: रोज़गार और बेहतर भविष्य की उम्मीद में लाखों लोग भारत से यूएई आते हैं. ऐसी ही केरल की एक महिला यूएई के शारजाह पहुंची थी। लेकिन वीजा खत्म होने, एजेंट के अधिक पैसों की मांग और अब्सकॉन्डिंग केस के कारण वह कानूनी मुसीबत में फंस गई। लेकिन महिला के परिवार की सूजबूझ से वह दो दिनों में कानूनी मदद से राहत और सुरक्षित घर वापस जाने में सफल हो पायी।
बता दें भारत के केरल के थ्रिसूर जिले के अरिम्पुर गांव की एक भारतीय महिला शारजाह (UAE) में हाउस मेड के रूप में काम कर रही थी। बेहतर भविष्य की उम्मीद में उसने एजेंट को बड़ी रकम देकर हाउस मेड वीजा पर यूएई का आई थी।
करीब दो साल तक काम करने के बाद महिला का वीजा समाप्त हो गया। वीजा रिन्यू कराने के लिए एजेंट ने उससे अतिरिक्त 9,000 दिरहम (लगभग 2.2 लाख रुपये) की मांग की। आर्थिक तंगी के कारण वह यह रकम नहीं जुटा सकी और मजबूरी में बिना वैध वीजा के ही काम करती रही।
Also Read: UAE में Absconding लग गया? 2026 में हटाने का पूरा प्रोसेस जानें
स्पॉन्सर ने दर्ज कराया अब्सकॉन्डिंग केस
बाद में उसके स्पॉन्सर (नियोक्ता) ने इमिग्रेशन विभाग में उसके खिलाफ अब्सकॉन्डिंग (Absconding) की शिकायत दर्ज कर दी। अब्सकॉन्डिंग केस दर्ज होने के बाद वह कानूनी रूप से “ओवरस्टे” और “फरार” की कैटेगरी में आ गई।
परिवार ने दर्ज कराई शिकायत
21 जनवरी 2026 के आसपास, जब वह शारजाह में एक सुपरमार्केट में घरेलू सामान खरीदने गई थी, तभी पुलिस ने जांच के दौरान उसे हिरासत में ले लिया। वह कानूनी प्रक्रिया के तहत डिटेन की गई।
इधर भारत में उसके परिवार ने उसे लापता मानते हुए शिकायत दर्ज कराई। मामला बढ़ने पर केरल के मनलूर के विधायक मुरली पेरुनेल्ली ने तुरंत हस्तक्षेप किया।
कानूनी मदद से मिली राहत
विधायक ने यूएई स्थित Yab Legal Services के CEO सलाम पाप्पिनिस्सेरी से संपर्क कर मदद की अपील की। कानूनी टीम ने यूएई की संबंधित अथॉरिटीज के साथ समन्वय कर सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कीं। मात्र दो दिनों के भीतर महिला को आउटपास (देश छोड़ने की अनुमति) जारी कर दिया गया और उसकी वापसी की फ्लाइट टिकट की व्यवस्था भी कर दी गई।
सुरक्षित घर वापसी
कानूनी सहायता के बाद महिला को रिहा कर दिया गया और वह सुरक्षित रूप से केरल लौट आई। फिलहाल वह अपने परिवार के साथ घर पर है।
UAE में ओवरस्टे और अब्सकॉन्डिंग के नियम
- ओवरस्टे पर रोजाना 50 दिरहम तक जुर्माना लग सकता है।
- अब्सकॉन्डिंग केस बनने पर गिरफ्तारी और डिटेंशन संभव है।
- बिना वैध रेजिडेंसी के काम करना गंभीर कानूनी उल्लंघन है।









