UAE: एक वरिष्ठ अमीराती अधिकारी ने गुरुवार को कहा कि संयुक्त अरब अमीरात खाड़ी देशों पर ईरानी हमलों से बने मौजूदा संकट से उबरने के करीब है। उन्होंने लोगों से अपील की कि इस संवेदनशील समय में अफवाहों पर ध्यान न दें और भ्रम फैलाने से बचें।
अनवर गरगाश का बयान
यूएई के राष्ट्रपति के राजनयिक सलाहकार अनवर गरगाश ने कहा कि देश संकट के एक अहम और निर्णायक चरण की ओर बढ़ रहा है। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि वह किन घटनाओं की ओर इशारा कर रहे हैं।
अफवाहों से सावधान रहने की अपील
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए गरगाश ने कहा कि यूएई ईरानी आक्रामकता का मजबूती से सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि अफवाहों और अपुष्ट खबरों को फैलने से रोकने में समाज और मीडिया दोनों की बड़ी भूमिका है।
युद्ध के समय गलत जानकारी का खतरा
उन्होंने चेतावनी दी कि युद्ध के समय अक्सर गलत जानकारी और दहशत फैलाने की कोशिशें की जाती हैं, इसलिए अफवाहों के खिलाफ सतर्क रहना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें
यूएई अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें और मिसाइल या ड्रोन हमलों से जुड़ी अपुष्ट जानकारी सोशल मीडिया पर साझा न करें।
एयर डिफेंस ने रोकी मिसाइलें और ड्रोन
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, बुधवार को यूएई की एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान से दागी गई 6 बैलिस्टिक मिसाइलें, 7 क्रूज मिसाइलें और 39 ड्रोन को रोक दिया।
अब तक कितने हमले रोके गए
मंत्रालय ने बताया कि तनाव बढ़ने के बाद से अब तक यूएई की रक्षा प्रणाली ने 268 बैलिस्टिक मिसाइलें, 15 क्रूज मिसाइलें और 1,514 ड्रोन को इंटरसेप्ट किया है।
इन हमलों में 6 लोगों की मौत हुई है और 131 लोग घायल हुए हैं। प्रभावित लोगों में अमीराती के अलावा पाकिस्तानी, नेपाली और बांग्लादेशी नागरिक भी शामिल हैं।
यूएई सेना पूरी तरह तैयार
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यूएई की सेना किसी भी खतरे का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है और देश की सुरक्षा व स्थिरता की रक्षा के लिए कार्रवाई जारी रखेगी।
यूएन प्रस्ताव का स्वागत
यूएई ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के उस प्रस्ताव का भी स्वागत किया है, जिसमें ईरान द्वारा यूएई, अन्य खाड़ी देशों और जॉर्डन पर किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों की निंदा की गई है और इन हमलों को तुरंत रोकने की मांग की गई है।
आत्मरक्षा का अधिकार
यूएई ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत उसे आत्मरक्षा का अधिकार है और वह अपने क्षेत्र, लोगों और महत्वपूर्ण संस्थानों की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाता रहेगा।










