Dubai: डिजिटल दुबई और अल अमीन सर्विस ने एक जागरूकता वीडियो जारी किया है। इसमें लोगों को खासकर संकट के समय सोशल मीडिया पर फैल रही एआई से बनी नकली तस्वीरों और वीडियो से सावधान रहने के लिए कहा गया है।
AI से बनाई जा सकती हैं नकली लेकिन असली जैसी तस्वीरें
वीडियो में बताया गया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से युद्ध, आपदा या किसी घटना के ऐसे वीडियो और तस्वीरें बनाई जा सकती हैं जो असली जैसी दिखती हैं, लेकिन वास्तव में कभी हुई ही नहीं होतीं।
संकट के समय तेजी से फैलती है गलत जानकारी
वीडियो में चेतावनी दी गई है कि तनाव या संकट के समय ऐसी फर्जी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर बहुत तेजी से फैलते हैं। कई लोग तकनीक के बारे में ज्यादा जानकारी न होने के कारण इन्हें सच मान लेते हैं।
AI का गलत इस्तेमाल भी हो रहा है
अभियान में बताया गया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक अच्छी तकनीक है और इससे कई क्षेत्रों में लोगों को फायदा होता है। लेकिन कुछ लोग इसका इस्तेमाल अफवाह फैलाने और झूठी घटनाएं बनाने के लिए भी कर रहे हैं।
लोगों को दी गई जरूरी सलाह
वीडियो में लोगों को कुछ जरूरी बातें बताई गई हैं:
- खबर केवल आधिकारिक स्रोतों से ही लें।
- किसी भी तस्वीर या वीडियो को जांच किए बिना शेयर न करें।
- ऐसी फर्जी तस्वीरें या वीडियो अपने फोन में सेव न करें।
‘जागरूक रहें’ अभियान को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान
डिजिटल दुबई ने लोगों में डिजिटल जागरूकता बढ़ाने के लिए कई अभियान शुरू किए हैं। इनमें से “जागरूक रहें” अभियान को 2024 में आयोजित विश्व सूचना समाज शिखर सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया और इसे दुनिया की बेहतरीन मीडिया पहलों में शामिल किया गया।











