UAE के शारजाह में एक दर्दनाक सड़क हादसे में छोटे बच्चे की मौत हो गई। इस घटना ने सभी को झकझोर दिया, लेकिन बच्चे के माता-पिता ने इंसानियत दिखाते हुए ड्राइवर को माफ कर दिया। उनका कहना है कि सजा देने से उनका बेटा वापस नहीं आएगा।
यह हादसा शारजाह के मुवेला इलाके की एक पार्किंग में हुआ। मृत बच्चे का नाम अलान रूमी था, जिसकी उम्र महज 1 साल 9 महीने थी। वह भारतीय-सीरियन मूल के दंपति का इकलौता बेटा था। उसके पिता शेराफुद्दीन दुबई में सेल्स प्रोफेशनल के रूप में काम करते हैं, जबकि मां कुछ समय पहले ही बच्चे के साथ यूएई आई थीं ताकि परिवार साथ समय बिता सके।
परिवार के अनुसार, अलान को वे अपनी “जिंदगी की रोशनी” कहते थे। उसका नाम सीरियाई बच्चे अलान कुर्दी और प्रसिद्ध सूफी कवि रूमी से प्रेरित होकर रखा गया था।
कैसे हुआ हादसा
घटना के समय मां बच्चे को कचरा फेंकने बाहर लेकर गई थीं। पार्किंग क्षेत्र में रेत भरी हुई थी और बच्चे अक्सर वहां खेलते थे। अलान एक पड़ोसी बच्चे के साथ खेल रहा था। तभी दोनों ने एक बिल्ली देखी और उसके पीछे दौड़ पड़े।
मां ने उन्हें रोकने की कोशिश की। पड़ोसी बच्चा रुक गया, लेकिन अलान ने मां को दौड़ते देखकर इसे खेल समझा और तेजी से आगे भागा। इसी दौरान वह एक आ रही कार की चपेट में आ गया।
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ड्राइवर भी भारतीय मूल का
कार चला रहा ड्राइवर भी भारतीय मूल का प्रवासी था, जो अपनी पत्नी को लेने जा रहा था। परिवार ने इस घटना को “दुर्भाग्यपूर्ण हादसा” बताया और कहा कि इसमें किसी की जानबूझकर गलती नहीं थी।
बच्चे को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके। हादसे के अगले दिन उसे दुबई में दफनाया गया और परिवार बाद में भारत लौट गया।
माता-पिता ने किया माफ
हादसे के बाद शारजाह पुलिस ने ड्राइवर को हिरासत में ले लिया था। हालांकि, बच्चे के माता-पिता ने लिखित बयान देकर कहा कि वे ड्राइवर के खिलाफ कोई शिकायत नहीं करना चाहते और उसे पूरी तरह माफ करते हैं।
बच्चे के पिता शेराफुद्दीन ने कहा,
“ड्राइवर को सजा देने से हमारा बेटा वापस नहीं आएगा। यह जानबूझकर नहीं हुआ। हम आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं।”
उन्होंने बताया कि ड्राइवर ने उन्हें संदेश भेजकर हालचाल भी पूछा था। पिता के मुताबिक, यह पल भर की लापरवाही थी, जिसने उनकी पूरी दुनिया बदल दी।
परिवार अब उबरने की कोशिश में
घटना के बाद मां को सिरदर्द और नींद की समस्या होने लगी थी, लेकिन अब उनकी हालत कुछ बेहतर बताई जा रही है। शेराफुद्दीन अपनी पत्नी को दुबई लाने की योजना बना रहे हैं ताकि वे अकेली न रहें और परिवार साथ रह सके।
यह हादसा बेहद दर्दनाक है, लेकिन माता-पिता की माफी ने इंसानियत और करुणा का बड़ा उदाहरण पेश किया है। यूएई में ऐसे मामलों में पीड़ित पक्ष की माफी से कानूनी कार्रवाई पर असर पड़ सकता है।
परिवार का कहना है कि भले ही उनके बेटे के साथ समय बहुत कम रहा, लेकिन उसकी यादें हमेशा उनके दिल में जिंदा रहेंगी।








