UAE: यूएई में हर साल जैसे ही स्कूल का नया सत्र शुरू होता है, पुलिस और ट्रैफिक डिपार्टमेंट तुरंत एक्टिव हो जाते हैं। मकसद साफ है – बच्चों और स्कूल बसों की सुरक्षा। इस बार भी अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि स्कूल के आसपास ट्रैफिक नियम तोड़े तो सीधे भारी जुर्माना और ब्लैक पॉइंट झेलने पड़ेंगे।
स्कूलों के पास सबसे ज़्यादा क्या गलतियां होती हैं?
सबसे आम गलती है स्कूल बस के “स्टॉप” साइन पर न रुकना। नियम कहता है कि बस का साइन उठते ही ड्राइवर को तुरंत रुकना पड़ेगा – चाहे गाड़ी बस के पीछे हो या सामने से आ रही हो।
दूसरी बड़ी गलती है सीटबेल्ट न लगाना। आगे बैठा हो या पीछे, सबको बेल्ट लगाना ज़रूरी है। अगर किसी ने नहीं लगाया तो उसकी जिम्मेदारी ड्राइवर की होगी।
इसके अलावा स्कूलों के पास तेज रफ्तार में गाड़ी भगाना, नो-पार्किंग में कार खड़ी करना या नकली नंबर प्लेट इस्तेमाल करना भी बड़ी गलती मानी जाती है।
कितना जुर्माना और ब्लैक पॉइंट?
- स्कूल बस साइन पर न रुकने पर: Dh1,000 + 10 ब्लैक पॉइंट
- सीटबेल्ट न लगाने पर: Dh400 + 4 ब्लैक पॉइंट
- मोबाइल पर बात करते हुए गाड़ी चलाने पर: Dh800
- पैदल यात्री क्रॉसिंग पर रास्ता न देने पर: Dh500
- स्कूल जोन में स्पीड तोड़ने पर: 300 से 3,000 दिरहम तक जुर्माना, ज़्यादा स्पीड पर गाड़ी सीज़ और लाइसेंस निलंबित
स्कूल बस और बच्चों की सुरक्षा
अधिकारियों का कहना है कि बस ड्राइवर और सुपरवाइज़र को हर बच्चे की सुरक्षा देखनी होगी। यहां तक कि बस खाली होने से पहले एक बार चेक करना ज़रूरी है कि अंदर कोई बच्चा तो नहीं रह गया। लापरवाही हुई तो लाइसेंस निलंबन, जुर्माना या जेल तक की सज़ा हो सकती है।
साल 2025 से सभी स्कूल बसों में ऑटोमैटिक फायर सेफ़्टी सिस्टम लगाना भी अनिवार्य कर दिया गया है। अगर इंजन में आग लगे तो सिस्टम खुद उसे बुझा देगा।
“Accident-Free Day” पहल
25 अगस्त 2024 को पहला स्कूल दिन “दुर्घटना रहित दिन” (Accident-Free Day) घोषित किया गया था। इस दिन अगर किसी ड्राइवर ने कोई ट्रैफिक रूल नहीं तोड़ा, तो उसके रिकॉर्ड से 4 ब्लैक पॉइंट काट दिए जाएंगे। इसके लिए ऑनलाइन प्रतिज्ञा करनी होगी और पॉइंट्स की कटौती 15 सितंबर तक लागू हो जाएगी।
पुलिस की अपील
दुबई पुलिस और ट्रैफिक काउंसिल ने ड्राइवरों से अपील की है कि स्कूल ज़ोन में स्पीड 30–40 किमी/घंटा से ज़्यादा न रखें, पैदल यात्रियों को रास्ता दें और मोबाइल फोन इस्तेमाल न करें।
सीधी बात है – यूएई में स्कूलों और बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। अगर नियम तोड़े तो सीधा भारी जुर्माना, ब्लैक पॉइंट और कभी-कभी जेल भी।